फैक्ट चेक : कांग्रेस का अध्यक्ष प्रधानमन्त्री राहत कोष का आजीवन ट्रस्टी होता है

प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय राहत कोष
हाल ही में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा COVID-19 से लड़ने हेतु 'PM Cares Fund' की घोषणा किए जाने के बाद सोनिया गाँधी ने पीएम मोदी को 5 सुझाव दिए हैं, जिसमें उन्होंने सांसदों के वेतन में 30% कटौती का समर्थन किया है लेकिन PM Cares Fund पर ऐतराज जताया है. उनका कहना है पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए 'प्रधानमन्त्री केयर्स फण्ड' की राशि को प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय राहत कोष' में ट्रान्सफर किया जाना चाहिए.
  प्रधानमन्त्री केयर्स फण्ड को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्रीय शशि थरूर, इतिहासकार रामचन्द्र गुहा एवं कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ पन्त ने सवाल उठाये हैं.
       उनके इस बयान के बाद काफी सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि 'कांग्रेस का अध्यक्ष प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय राहत कोष का आजीवन ट्रस्टी होता है चाहे सरकार कांग्रेस की हो या फिर अन्य किसी पार्टी की.'
इस दावे की सच्चाई को पता करने के लिए हमने PMNRF की आधिकारिक वेबसाइट को चेक किया, वहां से यह जानकारी मिली जो बताती सोशल मीडया यूजर्स द्वारा किया जा रहा दावा बिलकुल गलत है.
-  प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय राहत कोष के प्रमुख वर्तमान प्रधानमन्त्री होते हैं.
-  प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय राहत कोष का संचालन अवैतनिक आधार पर होता है, यानि कि जो भी इसका संचालन करते हैं उनको वेतन नहीं दिया जाता.
-  इसमें प्रधानमन्त्री के एक संयुक्त सचिव कोष के सचिव के रूप में कार्य करते हैं. साथ ही निदेशक स्तर के अधिकारी उनकी सहायता करते हैं.