कम्प्यूटर की प्रथम पीढ़ी (First Generation of Computer) | Auraiya Online | औरैया ऑनलाइन

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  • कम्प्यूटर की इस पीढ़ी की समय सीमा सन 1946 से लेकर सन 1956 तक रही|
  • सन 1946 में 'एनिएक' (ENIAC) नामक कम्प्यूटर के निर्माण से कम्प्यूटर की प्रथम पीढ़ी की शुरुआत हुई|
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर में लगभग 18,000 वैक्यूम ट्यूब (vaccume tube), 10,000 संधारित्र (capecitors) एवं 70,000 रेसिस्टर्स (resistors) का प्रयोग किया गया था जिस कारण इस पीढ़ी के कम्प्यूटर्स का आकार काफी बड़ा था|
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर आकार में बड़े होने के कारण इन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना काफी कठिन था|
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर का वजन लगभग 20 या 30 मीट्रिक टन होता था।
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर को बनाने में काफी अधिक खर्चा आता था तथा इनके रख-रखाव (maintinence) का खर्च भी काफी अधिक था इसके साथ ही ये बिजली की काफी अधिक खपत करते थे|
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर को चलाने (operate करने) के लिये कम से कम 2 या 3 व्यक्तियों की आवश्यकता होती थी|
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर अतिशीघ्र (बहुत जल्दी) गर्म हो जाते थे जिस कारण इनमें वातानुकूलन (ठण्डा रखने के लिये उपकरण) की आवश्यकता होती थी|
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर पंचकार्ड पर आधारित थे एवं इनमें मेमोरी स्टोरेज के लिये मैग्नेटिक ड्रम का प्रयोग किया जाता था|
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर का इनपुट-आउटपुट सिस्टम (I/O सिस्टम) काफी धीमा था|
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर डाटा प्रोसेसिंग में बहुत धीमे होते थे जिस कारण ये बहुत कम विश्वसनीय थे|
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर में प्रोग्रामिंग भाषाओँ के रूप में मशीनी भाषा तथा असेम्बली भाषा का प्रयोग किया गया था।
  • एनिएक (ENIAC), एडवैक (EDVAC), यूनिवैक (UNIVAC), आई.बी.एम.-701 (IBM-701), आई.बी.एम.-650 (IBM-650) आदि प्रथम पीढ़ी के प्रमुख कम्प्यूटर थे|